Bulati Hai Magar Jaane Ka Nahi Lyrics – Rahat Indori | बुलाती है मगर जाने का नहीं लिरिक्स

Modified: July 18, 2020

Bulati Hai Magar Jaane Ka Nahi Lyrics – Rahat Indori | बुलाती है मगर जाने का नहीं लिरिक्स
Read Now Bulati Hai Magar Jaane Ka Nahi Lyrics (in Hindi as: बुलाती है मगर जाने का नहीं लिरिक्स) by Rahat Indori.

Bulati Hai Magar Jaane Ka Nahi, there is such a poem that suggests us about love in life. Read this poem and try to understand the sentences of Rahat Indori. If you do not understand any words, then we mean the words below has given.
Bulati Hai Magar Jaane Ka Nahi Lyrics - Rahat Indori | बुलाती है मगर जाने का नहीं लिरिक्स
Poetry Name: Bulati Hai Magar Jaane Ka..
Writer: Rahat Indori

Bulati Hai Magar Jaane Ka Nahi Hindi Lyrics

बुलाती हैं मगर जाने का नहीं
ये दुनिया हैं इधर जाने का नहीं
मेरे बेटे किसी से इश्क़ कर
मगर हद से गुजर जाने का नहीं
कुशादा जर्फ़ होना चाइये
छलक जाने का बहार जाने का नहीं
सितार नोच के जाऊंगा
मैं ख़ाली हाथ घर जाने का नहीं
वबा फैली हुई हैं हर तरफ
अभी माहोल मर जाने का नहीं 
वो गर्दन नापता हैं नाप ले
मगर जालिम से डर जाने का नहीं

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